भारत के नए आपराधिक कानून - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम - लागू हो गए हैं, जो औपनिवेशिक युग के कानूनों की जगह लेंगे।